Engine क्या है | Engine कैसे काम करता है

हेल्लो दोस्तो आज के समय में हम इंजन के बारे में जानेंगे । गाड़ियां, रेलगाड़ी, बस इत्यादि जो भी मशीन जो ईंधन से चलती है उसमें इंजन का खास योगदान होता है । इसके बिना कोई मशीन चलती नहीं थी । तो चलिए जानते हैं इंजन क्या है और यह कैसे काम करता है
 

Research of engine in hindi | इंजन की खोज किसने की :

जो भी मशीनें बनायी गयी हैं और बनायी जाती हैं वह किसी-न-किसी चीज़ को देखकर ही बनायी जाती है । ठीक उसी तरह इंजन की भी शुरुआत हुई थी इंसान को देखकर । इंसान के अंदर जिस तरह से दिल काम करता है ठीक वैसे ही मशीन यानि की इंजन काम करता है और दिल को देखकर ही मशीन को बनाया गया जिसे इंजन कहते कहते हैं । इस इंजन को बनाने वाले महान वैज्ञानिक का नाम है टामस न्यूकोन और यह आविष्कार 1663 से लेकर 1729 के बीच में हुआ ।

 

What is engine in hindi
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जिन्होंने इस इंजन को बनाया है और आज इसका उपयोग काफी अधिक मात्रा में किया भी जा रहा है । लेकिन आज का समय इलेक्ट्रिक मशीनों का है जैसे की इलेक्ट्रिक व्हीकल इत्यादि जिसके कारण अब इसका इस्तेमाल धीरे-धीरे कम होता जा रहा है । लेकिन आज के समय में अब भी इसका इस्तेमाल काफी बड़ी मात्रा में किया जा रहा ।

 

Engine in hindi | इंजन क्या होता है :

इंजन एक ऐसी मशीन है जो की मैकेनिकल एनर्जी को तैयार करती है । पहले आप मैकेनिकल एनर्जी का मतलब समझ लीजिये । किसी चीज़ को धक्का लगाना इसका मतलब हुआ मैकेनिकल एनर्जी का प्रयोग करना । ठीक वैसे ही इंजन धक्का मारकर शाफ्ट को घुमाती है । तो कुल मिलाकर इंजन किसी चीज़ को घुमाने का काम करती है । लेकिन यह चलता है ईंधन की मदद से । इसके टँकी में ईंधन डालने से ही यह स्टार्ट होकर चलती है और वह कैसे चलती है वो हम आगे जानेंगे ।
 
 

Parts of engine in hindi | इंजन के पार्ट्स :

इंजन के अंदर और बाहर कई सारे अलग-अलग प्रकार के पार्ट्स लगे होते हैं जो इंजन को चलाने में मदद करता है जैसे की फ्यूल टैंक, एयर टैंक, पानी की टँकी, मूवेबल टर्मिनल, एक्सहॉस्टेड पाइप, स्पार्किंग प्लग, पिस्टन, शाफ्ट और रॉड, मेटल बॉडी ।
 
  • फ्यूल टैंक :

जैसे इंसान का शरीर तभी काम करता है जब उसे भोजन और पानी वगैरा दिया जाता है ठीक वैसे ही इंजन को चलाने के लिए ईंधन की जरूरत पड़ती है जिसकी वजह से इंजन काम करता है । ईंधन को टँकी में भरकर रखा जाता है जिससे ईंधन थोड़ा-थोड़ा करके इंजन के अंदर जाता रहता है ।
 
  • हवा की टँकी :

इंजन के अंदर आग तभी जलती है जब उसके अंदर हवा होती है बिना हवा के इंजन के अंदर आग नहीं लगती और इंजन काम भी नहीं करता इसीलिए इंजन के अंदर हवा भेजने के लिए अलग से टँकी लगायी जाती है जो थोड़ी-थोड़ी हवा अंदर भेजती रहती है और टँकी को इस तरह से इंजन की शाफ्ट से जोड़ा जाता है की शाफ्ट के घूमने से इस टँकी के अंदर हवा जमा होती रही है ।
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  • मूवेबल टर्मिनल :

इंजन के बाहर और अंदर कुछ मूवेबल पार्ट्स लगे होते हैं जिसको जोड़ा जाता है गियर की मदद से शाफ्ट के साथ । जैसे-जैसे शाफ्ट-घूमती है वैसे-वैसे टर्मिनल के घुमने से हवा और डीज़ल थोड़ा करके इंजन के अंदर जाता है और धुआँ भी बाहर निकलता रहता है । टर्मिनलों को अलग-अलग पार्ट्स के साथ जोड़ा जाता है जैसे की एयर टैंक, फ्यूल टैंक, एक्सहॉस्टेड पाइप इत्यादि ।
 
  • स्पार्किंग प्लग :

स्पार्किंग प्लग वह प्लग होता है जो ईंधन को आग लगाने में मदद करते हैं । इस प्लग को बैटरी के साथ कनेक्ट करने से यह चिंगारी निकालता है जिससे ईंधन को आग लगायी जाती है ।
 
  • पिस्टन :

यह सबसे मुख्य पार्ट होता है इंजन का और इसी की मदद से शाफ्ट घूमती है । पिस्टन जिसको बीच में रखा जाता है और यह तब घूमता है जब इंधन के जलने से उसका प्रेशर इस पिस्टन पर पड़ता है ।
 
  • एक्सहॉस्टेड पाइप :

ईंधन के जल जाने से जो धूआँ बनता वह इसी पाइप में से बाहर निकलता है जिसे एक्सहॉस्टेड पाइप कहा जाता है । इसमें भी मूवेबल टर्मिनल लगा होता है जो बारी-बारी से धुएं को बाहर निकालता रहता है ।
 
  • मेटल बॉडी :

बॉडी जो की बनी होती है मेटल से यानि की देग से । देग जो की लोहे जैसे पदार्थ का ही बना होता है लेकिन इसमें और भी कुछ ऐसी चीज़ें मिला दी जाती है जिसके कारण यह बॉडी और भी मजबूत हो जाती है । एक बात देग में जरूर होती है की देग से बनी चीज़ जल्दी से टूटती नहीं है और ना ही यह टेड़ी-मेड़ी होती है । इंजन को मजबूत बनाने के लिए इसी पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है ।
 
  • शाफ्ट या रॉड :

पिस्टन को शाफ्ट यानि की रॉड से जोड़ा जाता है । पिस्टन के घुमने से ही शाफ्ट घूमती है और उसी शाफ्ट का कम इस्तेमाल करते हैं किसी चीज़ को घुमाने के लिए ।
 
 

Engine working in hindi | इंजन कैसे काम करता है :

अब हम जानेंगे की इंजन आखिर कैसे काम करता है । सबसे पहले आप एक बात जरूर ध्यान रखें की इंजन के सभी टर्मिनलों को शाफ्ट से इस तरह से जोड़ा जाता है की जितनी तेज़ गति से शाफ्ट घूमती है उतनी ही तेज़ गति से टर्मिनल मूव होते हैं यानि की पाइप को बन्द और चालू करते हैं ।
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इंजन कैसे काम करता है
सबसे पहले आप ऊपर दिए गए गिफ्फन यानि की वीडियो को देख लीजिये तभी आपको हमारा यह आर्टिकल समझ में आएगा । इंजन को स्टार्ट करने के लिए सबसे पहले शाफ्ट से घुमाया जाता है इंजन को घुमाने से पहले दो टर्मिनल पीछे हटते हैं जो डीज़ल और हवा को थोड़ी मात्रा में आगे जाने के बाद पाइप को कर देते हैं बंद । डीज़ल और हवा का इंजन में जाने के बाद दोनों टर्मिनल बन्द कर देते हैं पाइप को ।
 
इसके बाद बारी आती है स्पार्किंग प्लग की जिसका काम होता है स्पार्क करना यानि की चिंगारी निकालना ताकि ईंधन को आग लग जाये । ईंधन को आग लगने से जबरदस्त तरीके विस्फोट होता है जिससे पिस्टन मूव होता है और इसी पिस्टन को शाफ्ट से जोड़ा जाता है जिससे शाफ्ट घूमने लगती है । इंजन के खराब होने की वजह इस स्पार्किंग प्लग का खराब होना भी होता है ।
 
ईंधन को आग लगने के बाद जो धुआं बनता है वह एक्सहॉस्टेड पाइप में से बाहर निकलता है । यह पाइप तभी खुलती है जब धुआं बनता है और उसे बाहर निकालना होता है । इसमें कोई सेंसर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है पाइप को बंद और चालू करने के लिए बस इसमें टर्मिनल को शाफ़्ट के साथ इस तरह जोड़ा जाता है की जिस समय मे धुआं बनता है उस समय में यही पाइप खुल जाती है ।
 
इस इंजन में वैसे तो सभी टर्मिनल बन्द ही होते हैं लेकिन इसमें जो भी टर्मिनल होते हैं उसे जोड़ा जाता है शाफ़्ट के साथ जिससे शाफ़्ट के घूमने से ही कुछ समय डीजल और हवा अंदर जाती है और वही पाइप बन्द होने के बाद दूसरे पासे स्पार्किंग प्लग चिंगारी मारता है जब और शाफ़्ट घूमती है उससे यह प्लग बंद होने के बाद धुंए निकालने वाली पाइप खुल जाती है दुबारा शाफ़्ट के घूमने से यह पाइप बन्द होने के बाद फिर से डीजल और हवा एक साथ अंदर जाते हैं और ऐसे ही सभी टर्मिनल जो कम समय में बारी-बारी पाइप को कंट्रोल करके उसे बन्द और चालू करते हैं ।
 
कुछ इंजन में ईंधन की टँकी के पास टूटी सी लगी होती है जिसकी मदद से जब इंजन पर जोर पड़ने से उसकी स्पीड कम होती है तब उस टूटी को हम और खोल सकते हैं जिससे अधिक मात्रा में ईंधन अंदर जाएगा और इंजन तेज़ गति से काम करेगा ।
 
 

Use of engine in hindi | इंजन का उपयोग :

इंजन का उपयोग काफी अधिकतर मात्रा में उपयोग किया जा रहा और और जाता है तो इसके बारे में भी जानते हैं कि वह कौन से उपकरण या मशीनें हैं जिसमें इंजन का किया जाता है इस्तेमाल जो कि इस प्रकार हैं :
 
  • व्हीकल में :

गाड़ियां, मोटरसाइकिल, स्कूटी, ट्रक इत्यादि इन सभी व्हिकलों में इंजन का प्रयोग किया जाता है । जिससे व्हीकल में पॉवर यानी कि ताकत सी आ जाती है जो व्हीकल को आसानी से चलाने में  मदद करती है ।
 
  • मशीन :

ऐसी मशीनें जो ईंधन से चलती है उसमें भी इंजन का उपयोग किया जाता है । इस मशीनों का इस्तेमाल कई जगह में काम करने के लिए किया जाता है ।

  • जेनरेटरों में :

जेनरेटर में भी इंजन को उपयोग में लाया जाता है इसमें इंजन ही है जो जनरेटर के अंदर लगी मोटर को शाफ़्ट के जरिये घूमाने का काम करती है जिससे बिजली तैयार होती है ।

Advantages of engine in hindi | इंजन के फायदे :

  1. इसका इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए जेनरेटर को घूमाने के लिये किया जाता है ।
  2. व्हीकलों में इसका इस्तेमाल काफी अधिक मात्रा में किया जाता है जैसे कि गाड़ियां, ट्रक इत्यादि ।
  3. इसमें ताकत यानी कि पॉवर काफी अधिक होती है ।
  4. इसका इस्तेमाल कर हम जरूरी मशीनें भी बना सकते हैं ।

 

Disadvantages of engine in hindi | इंजन के नुकसान :

  1. इससे प्रदूषण काफी अधिक मात्रा में फैलता है ।
  2. ध्वनि प्रदूषण काफी होता है जिससे आसपास की आवाज सुनाई ही नहीं देती ।
  3. इसकी कीमत भी काफी अधिक होती है ।
  4. अधिक ईंधन की खपत करता है ।
  5. बार-बार सर्विस और मेंटेनेंस में बार-बार खर्चा करना पड़ता है ।
  6. बिना ईंधन के यह काम ही नहीं करता ।

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